एम.एस.एम.ई. से संबंधित मामले
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एम.एस.एम.ई. से संबंधित मामले

परिचय::

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एम.एस.एम.ई. मंत्रालय) ने एम.एस.एम.ई.डी. अधिनियम, 2006 की धारा 11 के तहत एम.एस.ई. के लिए सार्वजनिक अधिप्राप्ति नीति आदेश, 2012 जारी किया है। यह नीति 1 अप्रैल 2012 से लागू है (26 मार्च, 2012 को राजपत्रित अधिसूचना जारी हुआ था)।

इस नीति का उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एम.एस.ई.) को उनके बनाए उत्पादों और प्रदत्त सेवाओं की विपणन में समर्थन करके उन्हें बढ़ावा देना और उनका विकास करना है। हालाँकि, यह नीति प्रतिस्पर्धा, सही अधिप्राप्ति प्रक्रियाओं का अनुपालन करने और ऐसी व्यवस्था के तहत आपूर्ति करने के मुख्य सिद्धांत पर आधारित है जो निष्पक्ष, समान, पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और किफायती हो।

इस नीति में नवीनतम बदलाव के अनुसार, केंद्र सरकार के विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपनी कुल वार्षिक अधिप्राप्ति का 25% हिस्सा एम.एस.ई. से खरीदें। इस 25% लक्ष्य में से, 4% (25% लक्ष्य के अंदर) वार्षिक अधिप्राप्ति का हिस्सा अनुसूचित जाति (एस.सी.)/अनुसूचित जनजाति (एस.टी.) उद्यमियों के स्वामित्व वाले एमएसई से अधिप्राप्ति के लिए तय किया गया है और 3% (25% लक्ष्य के अंदर) सालाना खरीद का हिस्सा महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले एम.एस.ई. से अधिप्राप्ति के लिए तय किया गया है।

एम.ओ.पी.एन.जी. के तहत आने वाली संस्थाएँ एम.एस.एम.ई. मंत्रालय के एम.एस.ई. आदेश, 2012 में निर्धारित नियमों का अनुपालन करती हैं।