Minister of Petroleum and Natural Gas
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भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के बीच संयुक्त वक्तव्य
ऊर्जा क्षेत्र में मज़बूती (एनर्जी रेज़िलिएंस) पर भारत गणराज्य के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के बीच संयुक्त बयान।
खुली भूमि लाइसेंसिंग नीति - होम
डीएसएफ बोली दौर IV
विशेष सीबीएम बोली दौर-2025
विशेष सीबीएम बोली दौर-2026
डीजीएच ई-प्रोक्योरमेंट में आपका स्वागत है
यदि शिकायतकर्ताओं को आंतरिक समाधान नहीं मिलता है, तो वे अपनी शिकायत के निवारण के लिए डीपीजी (https://dpg.gov.in/) से संपर्क कर सकते हैं।
सिफी गैस वितरण नेटवर्क के संपीड़ित प्राकृतिक गैस (परिवहन) और पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (घरेलू) खंडों के लिए घरेलू गैस आपूर्ति हेतु दिशानिर्देश। (पीडीएफ, 630 केबी)
ऊर्जा संक्रमण सलाहकार समिति की अंतिम रिपोर्ट (2023)
सिंथेटिक ईंधन पर समिति की रिपोर्ट
संशोधित - एलपीजी रखरखाव आदेश
एलपीजी रखरखाव आदेशपाइपलाइनों के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों, कच्चे तेल और गैस की ढुलाई सबसे सस्ता, सबसे सुरक्षित और पर्यावरणीय अनुकूल साधन माना जाता है। देश में अंडर ग्राउंड पाइपलाइन का नेटवर्क पिछले कुछ दशकों में बड़े पैमाने पर विकसित हुआ है। पाइपलाइनों का नेटवर्क देश में कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने में काफी मददगार है। तटवर्ती क्रॉस कंट्री पाइपलाइनों को लगभग 18 मीटर चौड़े गलियारे में लगभग 1.5 मीटर की गहराई में भूमिगत रखा गया है और सामान्य रूप से यह उच्च दबाव पर प्रचालित होता है।
तेल क्षेत्र को डीरेगुलेट करने और पेट्रोलियम उत्पाद के पाइपलाइनों में निवेश को आकर्षित करने की दिशा में एक बड़े निर्णय के रूप में नवंबर, 2002 में, सरकार ने देश में सामान्य वाहक सिद्धांत पर पाइपलाइन बिछाने के लिए एक नई पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन नीति बनाई है।
* दिनाँक 20.11.2002 को पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन बिछाने के लिए दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया गया।
* इस संबंध में अनुपूरक दिशानिर्देश दिनाँक 26-10-2004 को अधिसूचित किए गए हैं।
* पेट्रोलियम और खनिज पाइपलाइन (भूमि के उपयोगकर्ता के अधिकार का अधिग्रहण) संशोधन अधिनियम, 2011 को दिनाँक 13.01.2012 को अधिसूचित किया गया। इस संशोधन के माध्यम से चोरी की घटनाओं पर रोकथाम लगाने, पाइपलाइनों में तोड़-फोड़ करने तथा चरमपंथियों और आतंकवादियों सहित पाइपलाइन प्रतिष्ठानों के लिए उभरते सुरक्षा खतरे से बचाव के लिए निवारण तंत्र सुझाने के साथ कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। उपरोक्त अधिनियम के प्रावधान दिनाँक 01.03.2012 से प्रभावी हो गए हैं।